रोजी रोटी के लिए मुंबई गए और आजमगढ़ में प्रधान ने घर की जमीन अपनी बीवी के नाम करा लिया

उत्तर प्रदेश समाचार

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
लखनऊ
। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक गजब का मामला सामने आया है। यह खबर उन लोगों के सतर्क और सावधान करती है जो रोजी रोटी कमाने के लिए अपना गांव छोड़ शहर चले जाते हैं। क्योंकि ऐसे लोगों का घर मकान अब सुरक्षित नहीं है। ऐसे लोगों के मकानों पर भूमाफिया सहित ग्राम प्रधान भी नजरे गड़ाए बैठे हैं।
मामला आजमगढ़ के लालगंज तहसील की है। मेहनाजपुर के बरवां निवासी प्रवीण तिवारी इन दिनों योगी सरकार से हाथ जोड़ कर मदद की भीख मांग रहे हैं। लेकिन मदद मिल नही रही। मिले भी कैसे जिससे मदद मांग रहे हैं, वही लोग तो जमीन हड़पने में प्रधान का सहयोग किया है।
आजमगढ़ के प्रशासन से इन्हे कोई खास मदद नही मिली बावजुद इसके प्रवीण तिवारी लगातार अपने इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान प्रवीण योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर चुके हैं।
प्रवीण तिवारी पीछले कुछ सालों से आजमगढ़ छोड़ मुंबई में अपना बीजनेस कर रहे हैं और वहीं अपने पूरे परिवार के साथ रह रहे हैं। प्रवीण आजमगढ़ के लालगंज तहसील के बरवां गांव के रहने वाले हैं। कुछ वर्षों पहले प्रवीण के पिता हृदय नारायण तिवारी की मौत हो गई तब से प्रवीण के पैतृक निवास पर रहने वाला कोई नही हैं। प्रवीण अपने खेतों को अधिया पर दे कर खेती करवाते हैंं। प्रवीण साल भर में एक बार आते हैं। इसी का फायदा उठा कर प्रवीण के पैतृक घर के द्वार की 100 कड़ी जमीन वहां के प्रधान राकेश राजभर ने फर्जी तरिके से पट्टा कर दी है। पट्टा किया भी तो अपनी पत्नी के नाम। जब प्रवीण उससे इस बारे में बात करने की कोशिश की तो राकेश राजभर ने उन्हे धमकाया। जिसको लेकर वो लगातार मुंबई से बार आजमगढ़ आते हैं। उनकी इंसाफ की लड़ाई का नतीजा हैं कि आजमगढ़ प्रशासन ने ये तो मान लिया हैं कि उनकी जमीन को गलत तरिके से पट्टा किया गया हैं।
लेखपाल महोदय ने तो अपनी जांच आख्या में बता दिया हैं कि प्रवीण की जमीन को अवैध रूप से पट्टा किया गया है बावजुद इसके अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है। इसको लेकर प्रवीण डीएम एसपी एसडीएम सब से मिल चुके हैं। सब ने ये माना कि गलत हुआ हैं लेकिन प्रशासनीक लेट लतीफी की वजह से अब तक प्रवीण को इंसाफ नही मिल सका है।
प्रवीण तिवारी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने पूरे मामले को विस्तार पूर्वक बताया। जिसके बाद सबे के मुखिया ने उन्हे आश्वासन दिया हैं। प्रवीण का कहना हैें कि माननीय मुख्यमंत्री के कहने पर मेरी इंसाफ की लड़ाई यहां तक पहुची हैं और प्रशासन ने माना कि उनकी जमीन को अवैध रूप से पट्टा किया गया हैं।
प्रवीण तिवारी की पैतृक भूमि जो की सरकारी सड़क के करीब है,और केस चालू होते हुए प्रधान ने अनौपचारिक रूप से असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय करके अपने नाम किया है और अब अपनी पत्नी का नाम खतौनी में डाल दिया है, प्रशासन
चुपचाप देख रहा है ,यह केस 2004 से लालगंज तहसील मेँ चल रहा था, पिता की मृत्यु के पश्चात् आजमगढ़ चली गई फाइल फिर से केस चालू करने के बाद SDM के यहां से अब तक निरस्त आर्डर नहीं दिया गया।
अपनी ही पैतृक भूमि पर से
पट्टा निरस्त करने के लिए प्रवीण तिवारी राजस्व विभाग से लेकर SDM से DM तक के चक्कर लगा रहे है। लेकिन प्रसाशन ध्यान नहीं दे रहा है। यहां तक की विस्तृत जानकारी मुख़्यमंत्री योगी तक भेजी दी गयी है।

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