West Bengal news: बंगाल भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं

राजनीति

अजय भट्टाचार्य
प्रदेश
भाजपा में नये और पुराने के बीच की गुटबाजी कोई नयी बात नहीं रह गयी है। गत वर्ष विधानसभा चुनाव में भाजपा का सपना टूटने के बाद एक के बाद एक कई चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐसी स्थिति के कारण केंद्रीय नेतृत्व काफी असंतुष्ट है। इसके अलावा जिस प्रकार पार्टी के प्रदेश नेता आपस में ही गुटबाजी कर रहे हैं, उससे भी केंद्रीय नेताओं में रोष है। इधर, गत विधानसभा चुनाव के बाद दिलीप घोष को हटाकर सुकांत मजूमदार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो उनके अब तक के कार्यों से केंद्रीय नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। इसके अलावा जिस प्रकार सुकांत मजूमदार केवल दिल्ली, कोलकाता या फिर अपने संसदीय क्षेत्र बालुरघाट में ही नजर आते हैं, इससे भी केंद्रीय नेताओं में नाराजगी है। ऐसे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब केंद्रीय नेतृत्व द्वारा एक बार फिर बड़े सांगठनिक फेरबदल की तैयारी की जा रही है।
यहां उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के साथ गत सप्ताह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अलग-अलग बैठकें की थीं। गुरुवार को शुभेंदु को फिर दिल्ली बुलाया गया है। इसके बाद से ही प्रदेश भाजपा में सांगठनिक फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सांगठनिक फेरबदल होने पर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी को बनाया जा सकता है। ऐसे में विपक्ष का नेता बालुरघाट के विधायक अशोक लाहिड़ी को बनाये जाने की चर्चा है। सुकांत मजूमदार को संसदीय पार्टी की कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बढ़ सकती है दिलीप और लॉकेट की जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा में लॉकेट चटर्जी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष की जिम्मेदारियां बढ़ायी जा सकती हैं। इसके अलावा प्रदेश भाजपा के सांगठनिक महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती की जिम्मेदारियों को और कम किया जा सकता है। इससे पहले ही संयुक्त सांगठनिक महासचिव के तौर पर सतीश धोंड को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
दुर्गापूजा से पहले हो सकता है फेरबदल
इसी महीने अमित शाह व जेपी नड्डा के भी पश्चिम बंगाल आने की बात है। सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव पर नजर रखते हुए दुर्गा पूजा से पहले ही प्रदेश भाजपा में सांगठनिक फेरबदल किया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में भाजपा को मजबूत बनाना है।
एक वर्ग में है मतभेद
इधर, शुभेंदु अधिकारी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा को लेकर पार्टी के एक वर्ग में अभी से मतभेद चालू हो गया है। परिषदीय दल तथा टीम शुभेंदु के साथ सुकांत की दूरियां इसी बीच बढ़ गयी हैं जिसकी खबर केंद्रीय नेतृत्व को भी मिली है। पार्टी के एक वर्ग के अनुसार, पार्टी के सांगठनिक मुद्दों पर शुभेंदु व उनकी टीम को सुकांत या अमिताभ अधिक टांग अड़ाने नहीं देना चाहते हैं। इसे लेकर प्रदेश भाजपा व परिषदीय दल के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि शुभेंदु को अगर प्रदेश अध्यक्ष किया जाता है, तो संगठन में उनके ही लोग रहेंगे। आगामी दिनों में शुभेंदु के लोगों को ही टिकट मिलेगा जिस कारण सुकांत के समर्थक अभी से इसका विरोध जता रहे हैं।
वापस लाये जा सकते हैं पुराने चेहरे
केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि प्रदेश नेताओं की गुटबाजी साइड करते हुए राज्य में पार्टी को मजबूत बनाना होगा। ऐसे में राज्य कमेटी में भी कई फेरबदल किये जा सकते हैं। सौरव सिकदर, देवजीत सरकार, राजू बंद्योपाध्याय, सायंतन बसु जैसे नेताओं को सामने लाया जा सकता है। इसके अलावा रितेश तिवारी का सस्पेंशन भी वापस लाने पर विचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर 2019 के लोकसभा चुनाव की टीम को ही 2024 में शाह व नड्डा काम में लगाना चाहते हैं, लेकिन इसका नेतृत्व शुभेंदु अधिकारी कर सकते हैं।

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