किसानों पर अन्याय क्यों? उद्योगपतियों की कर्ज माफी पर राहुल गांधी का सवाल, शेगांव में कांग्रेस का विराट शक्ति प्रदर्शन

मुंबई

शेगांव (महाराष्ट्र)। किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर रहे हैं, वहीं उद्यमियों का हजारों करोड़ का कर्ज माफ हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सरकार की गलत नीति को किसानों की आत्महत्या का कारण बताते हुए सवाल किया कि उद्योगपतियों को कर्जमाफी क्यों मिल रही है, किसानों को क्यों नहीं। शेगांव की सभा में उन्होंने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के दौरान शेगांव की सभा में जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। इस बैठक में राहुल ने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा की जरूरत पर प्रकाश डाला और किसानों के मुद्दों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, किसानों के दिलों में डर है। इन इलाकों में छह महीने में कितने किसानों ने आत्महत्या की, इसके पीछे क्या कारण रहे, इसका जवाब किसी भी किसान से बात करने पर मिल जाएगा। कृषि उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। बीमा राशि का भुगतान करने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। 50 हजार, एक लाख रुपये के कर्ज के लिए किसान आत्महत्या कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, किसान पूछ रहा है कि, हमारा एक लाख का कर्ज माफ नहीं हुआ, लेकिन उद्योगपतियों का करोड़ों का कर्ज कैसे माफ हुआ।
किसानों को पहले भी दिक्कत होती थी। कांग्रेस के शासन के दौरान हमने किसानों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को जाना और पैकेज की घोषणा की। इससे उन्हें राहत मिली। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री की बात आए तो वे किसानों से संवाद कर उन्हें राहत दे सकते हैं। लेकिन उनके पास इसके लिए समय नहीं है। दो दिन से सावरकर को लेकर उठे विवाद t राहुल गांधी ने शेगांव सभा में सावरकर पर टिप्पणी करने से परहेज किया। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेता मौजूद थे।
राहुल गांधी ने कहा, विरोधी पूछ रहे हैं कि भारत जोड़ो यात्रा की क्या जरूरत है। आज बीजेपी ने देश के कोने-कोने में नफरत, डर, आतंक और हिंसा फैला रखी है। इसके खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि इस यात्रा का मकसद ‘मन की बात’ करना नहीं है, बल्कि लोगों की आवाज सुनना और उनकी पीड़ा को समझना है।
देश का युवा बेरोजगार है। महाराष्ट्र में मुफ्त शिक्षा नहीं है। बच्चों के माता-पिता उनकी पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च करते हैं। लेकिन उसके बाद भी बच्चों को रोजगार नहीं मिल पाता है। हमें ऐसा भारत नहीं चाहिए जहां युवाओं के सपने पूरे न हों, हम ऐसा भारत चाहते हैं जो सपनों को पूरा करे।

सावरकर को लेकर महा विकास आघाड़ी पर कोई प्रभाव नहीं

सावरकर पर शिवसेना और कांग्रेस के अलग-अलग विचार हैं। हालांकि, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। महाराष्ट्र के लोगों द्वारा भारत जोड़ो यात्रा को दी गई प्रतिक्रिया और प्यार कुछ लोगों को पच नहीं रहा है। राहुल गांधी ने सावरकर का जिक्र करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा अंग्रेजों के आगे नहीं झुके। इसलिए महाराष्ट्र के कुछ दल और संगठन माहौल गरमा रहे हैं। ज्ञात हो शिवसेना सांसद संजय राउत ने राहुल के बयान से महा विकास अघाड़ी में दरार पड़ने के संकेत दिए थे।

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