‘वेदांत-फॉक्सकॉन’, ‘टाटा एयरबस’ परियोजनाएं महाराष्ट्र से गुजरात क्यों चली गईं? गडकरी ने दिया यह जवाब…

मुंबई

मुंबई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र से गुजरात जाने वाली परियोजनाओं के मुद्दे पर टिप्पणी की है। गडकरी से ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में वेदांत-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजना और फिर टाटा एयरबस परियोजना के एक के बाद एक महाराष्ट्र से गुजरात जाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के हाथ में नहीं है कि परियोजना कहां से शुरू की जाए।
उन्होंने यह भी राय व्यक्त की कि परियोजना में निवेश करने वालों को यह तय करने का अधिकार है कि इसे कहां शुरू किया जाए। महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद ऐसा क्यों हो रहा है कि एक के बाद एक अलग-अलग प्रोजेक्ट गुजरात जा रहे हैं? पहले वेदांता-फॉक्सकॉन फिर टाटा एयरबस प्रोजेक्ट भी गुजरात गया। गडकरी से सीधा सवाल पूछा गया कि दोनों राज्यों में बीजेपी सरकार के बावजूद निवेशक महाराष्ट्र छोड़कर गुजरात जा रहे हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने कहा, पहली बात यह है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। इनमें महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है। मैं नागपुर से हूँ। हमारे पास टिन का कारखाना है। जो एयरबस और बोइंग दोनों के लिए स्पेयर पार्ट्स का निर्माण करती है। राफेल और फाल्कन भी अब वहीं बन रहे हैं। उद्योग कई जगहों पर जाते हैं। उद्योग कहां स्थापित करना है, यह तय करना निवेशक का अधिकार है। यह राज्य के हाथ में नहीं है। गडकरी ने कहा, ‘निवेशक को यह चुनने का अधिकार है कि उद्योग कहां शुरू किया जाए।
गडकरी ने यह उल्लेख करते हुए कि वर्तमान में महाराष्ट्र के सभी हिस्सों में उद्योग चल रहे हैं, ने कहा कि बड़ी संख्या में बुनियादी सेवाओं का निर्माण किया गया है। महाराष्ट्र में ऑटो उद्योग की कंपनियां हैं। मैंने हाल ही में एक मर्सिडीज इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है, इसकी कंपनी पुणे में है। कई बड़ी ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां पुणे में स्थित हैं। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में बुनियादी सुविधाएं सृजित की गई हैं। महाराष्ट्र में बहुत विकास हुआ है।
पहले यह तर्क दिया जाता था कि विदर्भ और मराठवाड़ा पिछड़ रहे हैं। विदर्भ, मराठवाड़ा और कोंकण पर दुश्मनी का आरोप लगाया गया था। लेकिन अब हम सभी क्षेत्रों में विकास देख रहे हैं।”
मैंने टाटा को मिहान में उद्योग लगाने के लिए भी लिखा था। गडकरी ने बताया कि उनके अध्यक्ष का पत्र भी आया था।
आदित्य ठाकरे के इस बयान पर भी सवाल पूछा गया जिसमे आदित्य ने कहा था कि ऊपर से गुजरात जाने का दबाव है। गडकरी ने कहा, किसी पर ऐसा कोई दबाव नहीं है। यह सब राजनीति है। लोग बिना किसी कारण के राज्यों पर बहस करते हैं और आप जैसे लोग इसे चलाते रहते हैं।

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