Madhya Pradesh Mumbai

मोनिका बट्टी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस नेता दिनेश प्रताप सिंह ने भाजपा को घेरा

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई।
मध्यप्रदेश की अमरवाड़ा सीट से मोनिका मनमोहन शाह बट्टी को विधानसभा दिए जाने के बाद भाजपा बुरी तरह से घिर गई है। मोनिका बट्टी के पिता मनमोहन शाह बट्टी पर रामायण जलाने और रावण की पूजा करने का आरोप है। कांग्रेस उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के उत्तर पश्चिम जिला अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि, भाजपा का यह दोहरा चरित्र है। एक तरफ भाजपा राम भक्त होने का ढिंढोरा पीटती है और दूसरी ओर रामायण जलाने वालों को पार्टी में शामिल कर विधानसभा का टिकट देती है। मध्यप्रदेश की जनता भाजपा के इस दोहरे चरित्र को देख रही है, जिसका जवाब चुनाव में जनता देगी।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा है, कि भाजपा पूरी तरह से बेशर्मी पर उतर गई है। इन्हे राम और सनातन धर्म से कोई मतलब नहीं है, भाजपा को सिर्फ सत्ता चाहिए। सत्ता के लिए यह किसी भी स्तर पर उतर सकती है। उन्होंने कहा कि, इसी तरह सप्ताह भर पहले महाराष्ट्र के जिस नेता पर नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे, उसी अजीत पवार को राज्य का उप मुख्यमंत्री बना दिया। इनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नही है। यह सत्ता के लिए आज रावण की पूजा करने वाले और राम का अपमान करने वाले को चुनावी टिकट दे रहे हैं। आगे यह क्या करेंगे शायद प्रभु राम भी नही जानते।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 सितंबर को कहा था, कि कमलनाथ ने सनातन विवाद पर मौनी बाबा बने हुए हैं। इसके ठीक 4 दिन पहले 19 सितंबर को मोनिका मनमोहन शाह बट्टी बीजेपी में शामिल हो गई थी। 26 सितंबर को मोनिका बट्टी को बीजेपी ने अमरवाड़ा सीट से टिकट दे दिया। टिकट मिलते ही मनमोहन बट्टी के पिता से जुड़े विवाद की चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा में आने से पहले मोनिका अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं।अब कांग्रेस सवाल उठा रही है, कि मोनिका और उनके परिवार ने कई बार सनातन धर्म का घोर अपमान किया है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा है, कि भाजपा ने सनातन धर्म का अपमान करने वाले, रामायण को जलाने वाले और रावण की पूजा करने वाले नेता की बेटी को टिकट दिया है।
दरअसल, मोनिका के पिता मनमोहन शाह बट्टी पर रामायण जलाने का आरोप लगा था। उस समय वह गोंगपा में थे। इसे लेकर पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। कहा जाता है कि मनमोहन शाह बट्टी ने अपने गांव देवरी में रावण का मंदिर भी बनवाया है। आरोप है कि उनके परिवार में रावण की पूजा की जाती है। साथ ही दशहरे पर इसे जलाने का विरोध करता है। मोनिका के परिवार पर आरोप है कि इन लोगों ने हिंदू विरोधी साहित्य बंटवाया था।
हाल ही में मोनिका ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की कथा का विरोध करते हुए कहा था कि वे माइंड रीडिंग करते हैं, वे दिखावा करते हैं, जादू टोना है, ऐसा कुछ नहीं होता। हम आदिवासी केवल बड़ा देव को मानते है, हमारे लिए बड़ादेव ही सबकुछ है। राम केवल एक पात्र हैं। उनका नाम लेकर रामकथा करने से कुछ नहीं होने वाला।
रावण की पूजा के आरोप पर मोनिका बट्टी ने कहा कि आदिवासी लोगों का मानना है कि रावण उनके वंशज थे। मेरे पापा श्रीलंका से मिट्टी लेकर आए थे। दशहरा में कई लोग पूजा करते हैं।

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