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अमृता फडणवीस: बदलते युग की प्रेरणादायक महिला

विजय यादव 

भारतीय समाज में लंबे समय से एक पुरानी धारणा प्रचलित है कि किसी नेता की पत्नी होना जीवन भर की गुलामी के समान है। उसे घर की चारदीवारी में सीमित रहना पड़ता है, अपनी महत्वाकांक्षाओं को त्यागना पड़ता है और पति की छाया में ही जीना पड़ता है। लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने अपनी स्वतंत्र पहचान, निस्वार्थ सामाजिक कार्यों और बहुमुखी प्रतिभा से इस सोच को पूरी तरह चुनौती दी है। वे न केवल एक सफल बैंकर हैं, बल्कि एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्रोत भी हैं।

 अमृता फडणवीस ने साबित कर दिया है कि नेता की पत्नी होना कोई बंधन नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर हो सकता है।अमृता फडणवीस का जन्म 9 अप्रैल 1979 को नागपुर में एक चिकित्सक परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. शरद रानाडे नेत्र रोग विशेषज्ञ और माता डॉ. चारुलता रानाडे स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। बचपन से ही शिक्षा और स्वतंत्रता के माहौल में पली-बढ़ी अमृता ने जी.एस. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक किया, फिर एमबीए और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से टैक्सेशन लॉज की डिग्री हासिल की। उन्होंने 2003 में एक्सिस बैंक में कार्यकारी कैशियर के रूप में करियर शुरू किया और आज बैंक की उपाध्यक्ष के पद पर हैं। बैंकिंग के साथ-साथ वे शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित हैं और बॉलीवुड फिल्म ‘जय गंगाजल’ में प्लेबैक सिंगिंग से डेब्यू किया।

 अमिताभ बच्चन के साथ ‘फिर से’ म्यूजिक वीडियो और अन्य गानों से उन्होंने संगीत जगत में अपनी अलग जगह बनाई।लेकिन अमृता जी की असली पहचान उनके सामाजिक कार्यों से है। वे दिव्यज फाउंडेशन के माध्यम से अनगिनत परोपकारी गतिविधियां चला रही हैं। गरीब बच्चों के लिए ‘मिट्टी के सितारे’ नामक भारत का पहला म्यूजिकल रियलिटी शो उनकी पहल है, जिसमें झुग्गी-झोपड़ी के 7 से 15 साल के बच्चों को संगीत की प्रतिभा निखारने का मंच मिलता है। उन्होंने फेट्री गांव को मॉडल विलेज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई – वहां स्वच्छता, बुनियादी ढांचा, पानी की व्यवस्था और किसानों को फलदार पेड़ वितरित करने जैसे कार्य किए। 

 पर्यावरण संरक्षण के लिए मुंबई की नदियों को बचाने का ‘मुंबई रिवर एंथम’ गाना, एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए फैशन शो ‘एसिड अटैक विक्टर्स’, कोरोना योद्धाओं के लिए ‘तू मंदिर तू शिवाला’ और महिला सशक्तिकरण के लिए ‘टीला जगु दिया’ जैसे गाने ये सभी उनके निस्वार्थ सेवा भाव को दर्शाते हैं।इसके अलावा, उन्होंने किसान आत्महत्या पीड़ितों के बच्चों के लिए योग सेशन आयोजित किए, नशा मुक्ति अभियान में रैलियां निकालीं, बीच क्लीन-अप ड्राइव चलाईं और महिलाओं के अधिकारों तथा ग्रामीण विकास के लिए लगातार काम किया।

 2017 में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा आयोजित नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके इन कार्यों के लिए नेल्सन मंडेला ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड, वर्ल्ड पीस एम्बेसडर और लोकमत की मोस्ट स्टाइलिश आइकन जैसे सम्मान मिले हैं।अमृता फडणवीस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे पति की राजनीतिक जिम्मेदारियों के बावजूद अपनी स्वतंत्रता नहीं छोड़तीं। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं, अपनी राय खुलकर रखती हैं और ट्रोलिंग का सामना भी हंसकर करती हैं। वे कहती हैं कि महिलाएं अपनी पहचान बनाए रखें, स्पष्ट सोच रखें और निडर रहें। एक कामकाजी मां के रूप में वे बच्चों के लिए रोल मॉडल हैं।

 आज के बदलते युग में अमृता फडणवीस महिलाओं के लिए एक जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने साबित किया कि नेता की पत्नी होना गुलामी नहीं, बल्कि समाज सेवा और व्यक्तिगत विकास का माध्यम हो सकता है। उनके कार्यों से अनगिनत लोगों के चेहरे पर मुस्कान आती है और पुरानी रूढ़ियां टूटती हैं। अमृता जैसी महिलाएं ही समाज को नई दिशा देंगी। वे वाकई प्रेरणा की मिसाल हैं!

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