न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त भूषण गगरानी ने भारत मर्चेंट्स चैंबर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कपड़ा व्यापारियों की समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बांद्रा से आगे का कोस्टल रोड प्रोजेक्ट अगले तीन से चार वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कालबादेवी में सार्वजनिक पार्किंग के लिए एक प्लॉट पर काम शुरू हुआ था, लेकिन विवाद के कारण यह रुक गया है। श्री गगरानी ने कालबादेवी के निवासियों से फेरीवालों को हतोत्साहित करने की अपील की, ताकि वे स्वयं फेरी लगाना बंद कर दें।BMC द्वारा बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिसमें एक वाटर प्यूरिफिकेशन प्लांट भी शामिल है। श्री गगरानी ने यह भी कहा कि कई नागरिकों को BMC की मदद फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न (FDR) जैसी दिखाई देती है, जो शहर के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कार्यक्रम में चैंबर अध्यक्ष मनोज जालान ने BMC आयुक्त का स्वागत करते हुए BMC नियम 394 के तहत कपड़ा व्यापारियों के लिए पुराने नियमों में सुधार की मांग की। उन्होंने बताया कि BMC का लाइसेंस विभाग कपड़ा पैकिंग हाउस मालिकों को लाइसेंस लेने के लिए दबाव डालता है, जबकि वहां कपड़ा प्रोसेसिंग या उत्पादन का कोई काम नहीं होता। इस पर आयुक्त गगरानी ने नियमों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया।
चैंबर ने आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मुंबा देवी के लिए विशेष कॉरिडोर और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दो साल के प्रॉपर्टी टैक्स रिफंड जैसे मुद्दे शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन सम्मानीय मंत्री निलेश वैश्य ने किया, जबकि उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया और कोषाध्यक्ष अजय सिंघानिया ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर ट्रस्टी राजीव सिंगल, विष्णु केडिया, योगेंद्र राजपुरिया, श्रीप्रकाश केडिया, सुबोध गुप्ता, प्रदीप जैन सहित बड़ी संख्या में कपड़ा व्यापारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और व्यापारिक समुदाय की चिंताओं को संबोधित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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