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डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुँचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक करा रहा उपलब्ध: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
अहमदाबाद।
अब पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में भटकने की जरूरत नहीं है। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह प्रमाण पत्र स्वतः संबंधित विभाग को ऑनलाइन पहुंच जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। उक्त जानकारी उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ के विज़न को सशक्त बनाते हुए सरकारी सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने की दिशा में डाक विभाग का एक महत्वपूर्ण कदम है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। डोरस्टेप डीएलसी सेवा के माध्यम से अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डाक विभाग अब केवल डाक नहीं पहुँचाता, बल्कि नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की सुविधा उनके द्वार तक उपलब्ध करा रहा है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन से संपर्क कर सकते है। इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आई डी, बैंक या डाकघर बचत खाता नंबर और पीपीओ नंबर देना होगा। प्रमाण पत्र जनरेशन प्रक्रिया पूरी होने पर, पेंशनर को उनके मोबाइल नंबर पर एक पुष्टि एस.एम.एस प्राप्त होगा और प्रमाण पत्र को https://jeevanpramaan.gov.in/ppouser/login पर अगले दिन के बाद ऑनलाइन देखा जा सकेगा एवं अपने दिए गए ईमेल आई डी पर प्राप्त हो जायेगा। इस पहल का उद्देश्य फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) तकनीक और फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की डिजिटल प्रक्रिया के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे सभी पेंशनरों, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों को सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात संबोधन (24 नवंबर, 2024) और संविधान दिवस संबोधन (26 नवंबर, 2024) में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी डिजिटल इंडिया पहलों ने देश भर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना दिया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय का पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर, 2025 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 का आयोजन कर रहा है। डिजिटल इंडिया और जीवन को आसान बनाने के लक्ष्‍य को पूरा करने वाला यह अभियान पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के सरकार के दृष्टिकोण के तहत एक प्रमुख पहल है। डीएलसी अभियान 4.0 का लक्ष्य संतृप्ति-आधारित पहुंच दृष्टिकोण के माध्यम से 2,000 से ज़्यादा शहरों और कस्बों में दो करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग निरंतर सुधारों तथा नागरिक-केंद्रित नवाचारों के माध्यम से लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान से वरिष्ठ नागरिकों को अब घर बैठे ही सुविधाजनक और त्वरित सेवा उपलब्ध हो रही है, जिससे उनका जीवन और अधिक सरल बन गया है।

गौरतलब है कि पेंशनरों को प्रत्येक वर्ष सामान्यतया नवंबर और दिसंबर माह में कोषागार, बैंक या संबंधित विभाग में जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। इसके लिए दूरदराज इलाके के पेंशनरों को कोषागार आने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है एवं यात्रा आदि में भी काफी व्यय होता है। ऐसे में डाक विभाग की इस पहल से पेंशनरों को काफी सहूलियत मिलेगी। इसके साथ-साथ पेंशनर डाकिया के माध्यम से घर बैठे पेंशन की धनराशि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से अपने बैंक खाते से निकाल सकते हैं।

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