Uttar Pradesh

जौनपुर में 26 अक्टूबर से सात दिवसीय सत्य हरिश्चंद्र संस्कृति महोत्सव

जफराबाद-जौनपुर के प्राचीन इतिहास, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पर होगा मंथन

न्यूज स्टैंड18 नेटवर्क
जौनपुर।
पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान द्वारा जफराबाद और जौनपुर के प्राचीन इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक जफराबाद और जौनपुर में सात दिवसीय सत्य हरिश्चंद्र संस्कृति महोत्सव एवं समाज संवाद का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव में राजनीति, समाज, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, कला एवं अन्य क्षेत्रों के अनेक गणमान्य तथा शिखर व्यक्तित्वों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम का क्रम इस प्रकार है।

26 अक्टूबर: आदि गंगा गोमती का पूजन और गंगा आरती
महोत्सव का शुभारंभ 26 अक्टूबर को गोपी घाट स्थित देवी मंदिर के निकट आदि गंगा गोमती के आह्वान एवं पूजन से होगा। शाम को आदि गंगा की आरती की जाएगी।

27 अक्टूबर: भगवती तारा की स्मृति एवं स्थापना
27 अक्टूबर को जमैथा में जमदग्नि और अखड़ो देवी मंदिर क्षेत्र में भगवती तारा के स्थापना-पर्व के रूप में उनकी स्मृति एवं उपासना की जाएगी।स्मरणीय है कि तुगलक और शर्की सल्तनत के पूर्व जफराबाद और जौनपुर भगवती तारा तथा नागमाता मनसा/जरत्कारु के प्रमुख पूजा स्थलों के रूप में प्रतिष्ठित रहे हैं।

28 अक्टूबर: राजकुमारी अनंगिता का स्मरण
28 अक्टूबर को जफराबाद स्थित मनहेच किले के राजकुमारी अनंगिता के उत्सर्ग स्थल पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा।1192 में कुतुबुद्दीन ऐबक के हमले के समय मनहेच की आसन्न पराजय को देखते हुए राजकुमारी अनंगिता ने किले से कूदकर अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया था। तब से, लगभग साढ़े आठ सौ वर्षों से, जफराबाद के आम जन उन्हें मरी माता के रूप में पूजते चले आ रहे हैं। महोत्सव के माध्यम से इस पूजा परंपरा को विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा।

29 अक्टूबर: नाग माता मनसा/जरत्कारु की स्मृति
29 अक्टूबर को मछलीशहर के निकट सगरेकोट स्थित डीह स्थान पर नाग माता मनसा/जरत्कारु की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।इस स्थान के नाग माता मनसा/जरत्कारु से जुड़े होने की संभावना व्यक्त की जाती है। मान्यता है कि आस्तिक मुनि की माता जरत्कारु अपने गर्भकाल के दौरान इसी किले में रही थीं और आस्तिक मुनि का जन्म भी नागराज आर्यक के इसी किले में हुआ था।स्मरणीय है कि राजा जनमेजय के सर्पसत्र से आस्तिक मुनि ने ही नागवंश की रक्षा की थी।

30, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को होंगे मुख्य आयोजन

महोत्सव के प्रवक्ता युवा उद्योगपति ईशान उपाध्याय और पत्रकार पारुल सिंह ने एक बयान में कहा है कि 30, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर आयोजन के मुख्य दिवस होंगे। इन तीनों दिनों में दोपहर के समय टीडी कॉलेज में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसे ‘रामेति रामं’ की संज्ञा दी गई है।इन संवादों में इक्ष्वाकु वंश के विस्तार, उसके जीवन-मूल्यों तथा पूर्वांचल की त्रयी-सनातन बौद्ध और जैन परंपराओं से उसके संबंधों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सनातन धर्म के वैश्विक विस्तार की संकल्पना और उसके मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रसारित करने के विषय पर भी विचार-विमर्श होगा।
संवाद के दौरान जफराबाद और जौनपुर के प्राचीन इतिहास को भी केंद्र में रखा जाएगा तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पक्षों पर विद्वानों द्वारा चर्चा की जाएगी।

गोपी घाट पर होगा सांस्कृतिक महोत्सव

इन तीनों मुख्य दिनों की शाम को गोपी घाट, नदी तट पर सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के प्रमुख संगीत, नृत्य एवं वाद्य कलाकारों के शामिल होने की संभावना है।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जफराबाद और जौनपुर की संगीत, नृत्य, कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

प्राचीन विरासत को पुनर्स्थापित करने का प्रयास

महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य जफराबाद और जौनपुर के प्राचीन इतिहास को जानना तथा उनकी मूल ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित करना है।आयोजकों के अनुसार, तुगलक और शर्की सल्तनत के शासन के दौरान इन दोनों नगरों को व्यापक रूप से परिवर्तित किया गया और उनकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान पर विस्मृति की परत चढ़ गई। यहां तक कि इन नगरों के पुराने नाम भी कालांतर में विस्मृत हो गए।महोत्सव का प्रयास इस ऐतिहासिक विस्मृति को दूर करते हुए जफराबाद और जौनपुर की प्राचीन परंपराओं, पूजा स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाना है।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल सनातन धर्म से जुड़े वैश्विक केंद्रों की पहचान और उनके पुनर्स्थापन के व्यापक उद्देश्य से भी जुड़ी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि जफराबाद और जौनपुर में आयोजित यह महोत्सव क्षेत्र की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ सनातन परंपरा के वैश्विक विमर्श को भी नई दिशा देगा।

Related posts

डॉ नंदकिशोर यादव की छठी पुण्यतिथि पर अंबारी में किसान पंचायत

newsstand18@

डाक विभाग द्वारा ‘डिजिटल इण्डिया फॉर न्यू इण्डिया’ विषय पर ‘ढाई आखर’ राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

newsstand18@

कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना मेरठ में ढेर

newsstand18@